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ये 7 छोटी आदते अपनाने के बाद पहले जैसे नहीं रहेंगे आप

यदि आपको अपनी एक या दो आदते बदलना हो तो वे कोनसी आदते होगी जिन्हे आप बदलने में चिलचस्पी रखते है – ये वो आदते होती है जो हमारे जीवन को पूरी तरह बदल सकती है। पूरी तरह। आदतों के प्रति हमारे दो रवैया होते है पहला तो कोई बुरी आदत छोड़ना दूसरा कोई नई आदते विकसित करना। दोनों में से एक ही काम कर लेने पर आप कर सकते है जो आप हमेशा से करना चाहते थे।

 

आदते विकसित करने में हर व्यक्ति को अलग अलग समय लगता है क्योकि ये इस बात पर निर्भर करता है कि हम बदलने के लिए कितने प्रतिबद्ध है। चीनी कहावत के अनुसार एक आदत को पूरी तरह विकसित करने में 66 दिनों का वक्त लगता है और लगभग इतना ही कोई आदत छोड़ने में। इसलिए अगर हम किसी नई आदत को छोड़ने या बनाने की कोशिश करे तो अपने आप और अपनी आदत को काम से काम इतना समय तो जरूर दे।

हम वो है जो हम बार बार करते है श्रेष्ठता एक काम से नहीं आती बल्कि आदतों से आती है – विल डूरेंट

 

अब बात करते है उन सात छोटी आदतों की जो आपके जीवन को पूरी तरह बदल सकती हैं

सकारात्मक सोच विकसित करना

यह सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण आदत है। ये एक ऐसी आदत है जिसे अगर आप विकसित करले तो अगली सात आदते आप बड़ी ही आसानी से विकसित हो जाएगी। सिर्फ सकारात्मक सोच से सफलता तो नहीं मिलेगी लेकिन ये सकारात्मक सोच आपको अपने लिए निर्णय लेने में मदद करेगी और ये डिसिशन ही है जो आपके जीवन को आकर देते है। 

सबसे पहले आपको अपनी इस आदत पर ही ध्यान देना है क्योकि इस आदत के विकसित हो जाने के बाद आपके आगे के चीज़े बिलकुल आसान हो जाएंगी। ऐसा इसलिए है कि जब आप नकारात्मक विचार आपको एक पूर्वाग्रह(कुछ बुरा होने की सम्भावना) से भर देते है जिसकी वजह से आप कोई भी काम या कोई भी निर्णय लेने से डरने लगते है। इसके बाद हम अपने अंदर ही एक संसार बना लेते है जिसमे डर , आस पास के लोगो के प्रति बुरी राय बनना शुरू हो जाती है।

ध्यान दे आपको नकारात्मक विचार कब , किस वजह से ,किन लोगो की वजह से आते है और इन चीज़ो से जल्द से जल्द दूर होने की कोशिश करे। हर बार दो तरीके से न सोचे और चीज़ो को होने दे बस आप अपना काम कर दे।

 

व्यायाम करें

स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है ये बात यू ही नहीं कही गई बल्कि इस बात में वैज्ञानिक तौर पर सत्यता है क्योकि एक बीमार व्यक्ति अपने आप को सबसे ज्यादा कमजोर समझता है वो अपनी शारीरिक शक्ति के साथ साथ अपने सोचने समझने की सकती भी खो देता है और अपने आस पास मौजूद लोगो से मदद की आश करता है।

अब बात आती है व्यायाम करना कितना जरुरी है और इससे क्या फायदे होने वाले है :

व्यायाम करना या जिम जाना आपको रोज अनंत ताकत से भरता है।

ये आपको भविष्य में बीमार होने से बचता है क्योकि व्यायाम से आपके खान पान में भी बदलाब होता है और जो सकारात्मक होता है।

इससे फोकस बढ़ता है और शारीरिक मजबूती आपमें आत्मविश्वास बढ़ाता है।

तनाव को काम करने में सबसे ज्यादा फायदेमद साबित होता है।

इससे आपकी तार्किक शक्ति और रचनात्मकता का भी विकास होता है

 

सिंगल-टास्किंग।

अगर आप सिंगल टास्किंग करते है तो आप अपने से ज्यादा अनुभव व्यक्ति से ज्यादा बेहतर तरीके से कर सकते है। ये आपके काम को ज्यादा प्रभावी बनता है। यदि आप महत्वपूर्ण चीज़े हासिल करना चाहते है तो आपको  सिर्फ महत्वपूर्ण चीजों पर ही ध्यान देना होगा और लगातार उन पर काम करना पड़ेगा क्योकि छोटी और हमारे लिए कम महत्वपूर्ण चीज़े सिर्फ हमारे समय बर्बाद करती है और ध्यान भटकती है। 

 

फोकस करे

ये सिंगल टास्किंग से इस तरह अलग होता है कि ये आपके द्वारा किये जा रहे बड़े बदलाब या काम पर प्रभाव डालता है जो आप अपने जीवन को बदलने के लिए करने जा रहे है जबकि सिंगल टास्किंग आपके दिन भर के काम को प्रभावित करता है।

एक समय में केवल एक कार्य पर ध्यान केंद्रित करना अधिक प्रभावी है, और एक समय में एक आदत पर ध्यान केंद्रित करना अधिक प्रभावशाली होता है, इसलिए एक समय में एक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करे ।

कई बार ऐसा होता है कि हमारे दिमाग में कई सारे आईडिया और कई सारे काम करने के विचार एक ही समय में या थोड़े थोड़े अंतराल के बाद आते है और हम सब कुछ करलें के बारे में सोचने लगते है और दो दो चीज़े एक साथ करने की कोशिश भी करने लगते है जो आपके लिए किसी एक काम या दोनों काम में असफलता का रास्ता खोलता है। 

इसलिए अपने बड़े बड़े काम में से एक ही काम एक समय में करे वो भी उसे कई हिस्सों और कई स्तरों पर बाटकर क्योकि आपके लिए सभी काम कर लेना कोई जरुरी नहीं है सिवाए एक महत्वपूर्ण काम के जो आपका जीवन बदलने में कारगर साबित हो। हा , एक काम पूरा हो जाने के बाद दूसरे महत्वपूर्ण लक्ष्य पर फोकस करे।

 

सीखे

आपको सीखने पर भी फोकस करना होगा - chhotee aadate jo bana degi aap ko successful

ऊपर बताए सभी नियम और आगे दिए नियम आपकी जिंदगी  बदलने के लिए काफी है अपनी वर्तमान पोजीशन से हट कर नाम कामना है और लोगो के बीच पहचाने जाना है तो आपको सीखने पर भी फोकस करना होगा।

अपने अक्सर उन भारतीयों के बारे में सुना होगा जो अमेरिका और दूसरे देशो में ऊंचे पद पर है ये लोग अपनी पढ़ाई ख़तम करने के बाद भी विदेश जाकर कोई कोर्स या उच्च डिग्री करते है। क्योकि आपके अपने जीवन में किसी भी स्तर पर होना आपके द्वारा सीखे हुए पर ही निर्भर करता है। आपको अपनी ख़राब जिंदगी से हटने के लिए आपको सीखना पड़ेगा कुछ भी जो आप अच्छे से कर सके।

आपको ये बात मालूम होना चाहिए कि दुनिया के सफल और सबसे सफल लोग भी आये दिन कुछ न कुछ सीखते रहते है। चाहे वो अपने काम से हो या किताबो से यहाँ तक की छोटी कंपनी के ओनर भी बड़ी कंपनियों  में समय निकलकर छोटी मोटी ट्रेनिंग के लिए जाते रहते है जो उनके बिज़नेस को बढ़ने में मदद करता है तो सिखने को अपनी आदत बना ले सब कुछ नहीं लेकिंन कम से कम एक चीज़।

इसके लिए आप जो भी सीखना चाहते है। उसके बारे में जानकारी निकाले जो लोग पहले से इन चीज़ो के बारे में जानते है उनसे जुड़े ये लोग अगर आपके आस पास मौजूद नहीं है तो इंटरनेट का सहारा ले जहाँ आपको आपके सवालो का जबाब निश्चित ही मिल जाएगा। कोरा(quora) जैसे वेबसाइट की मदद ले सकते है।

 

दयालुता।

हां, दयालुता एक आदत है। और इसे बढ़ाया जा सकता है। एक महीने के लिए हर दिन इस पर ध्यान केंद्रित करें और आप अपने जीवन में गहरा परिवर्तन देखेंगे। आप एक व्यक्ति के रूप में अपने बारे में बेहतर महसूस करेंगे। आप लोगों को लंबे समय तक अलग-अलग प्रतिक्रिया देंगे और इस चीज़ के आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे। अपनी निजी और प्रोफेशनल लाइफ दोनों में। 

आप दयालु आदत कैसे विकसित करते हैं? सबसे पहले, इसे हर दिन किसी के लिए कुछ करने का लक्ष्य बनाएं। दिन की शुरुआत में, पता लगाएं कि उस तरह का कार्य क्या होगा और फिर दिन के दौरान ऐसा करेगा। दूसरा, हर बार जब आप किसी के साथ बातचीत करते हैं,  दोस्ताना बनें, दयालु रहें। तीसरा, करुणा के बड़े कृत्यों के लिए छोटी दयालुता से आगे बढ़ने की कोशिश करें, जरूरत में लोगो की मदद करे। 

 

दैनिक दिनचर्या।

दैनिक दिनचर्या rakhe - successful people habits

यह इतना आसान है, लेकिन अपने लिए दैनिक दिनचर्या बनाना आपके जीवन में बड़ा अंतर डाल सकता है। सबसे अच्छा दिनचर्या, एक अच्छे दिन की शुरुआत और अंत मानी जाती है  – आपका कार्यदिवस और आपका दिन सामान्य रूप से चलना चाहिए क्योकि इसके ऊपर नीचे या कम ज्यादा होने से आपको दिनचर्या बिगड़ेगी । इसका मतलब है, जब आप जागते हैं, तब जब आप पहली बार काम करना शुरू करते हैं, तब जब आप अपना कार्यदिवस पूरा करते हैं, और अपनी शाम के अंत तक।

एक टू डू लिस्ट बनाए अपने हर एक काम की ये लिस्ट आपको उसी के हिसाब से आगे बढ़ने में मदद करेगी जैसा आप अपना दिन चाहते है। इस लिस्ट में उन कामो की भी शामिल करे जो आपको अपनी आदत में बदलना है धीरे धीरे ये आपकी आदत में आ जाएगी और फिर आपको ऐसी लिस्ट की जरुरत केवल अपने जरुरी काम के लिए पड़ेगी।

अब कुछ महत्वपूर्ण बाते जो आपको इन आदतों को अपने अंदर विकसित करने में मदद करेंगी। ध्यान रहे कि सारी आदतों को एकबार में बदलने की कोशिश न करे। इससे आप अपने आप को एक तरीके से नियमो में बंधे पाएगे और कुछ ही समय में हार मन बैठेंगे।और आने वाले समय में भी अपने आपको इन चीज़ो से झुझते रहेंगे।

 

  1. केवल एक आदत पर ध्यान केंद्रित करते हुए 30-दिन तक फोकस करें
  2. अपने प्रेरणा, बाधाओं, और उन पर काबू पाने के लिए रणनीतियों के साथ, कागज पर इसे लिखें।
  3. अपनी प्रगति लॉग करें। 
  4. सार्वजनिक रूप से उत्तरदायी रहें – किसी खास व्यक्ति से हर दिन अपनी प्रगति पर रिपोर्ट करें। 
  5. हर छोटी सफलता पर खुद को  पुरस्कार दे। 
  6. यदि आप असफल होते हैं, तो पता लगाएं कि क्या गलत हुआ, और पुनः प्रयास करें

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