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दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा “द स्टेचू ऑफ़ यूनिटी” बनकर तैयार: फैक्ट चैक

Birth Anniversary

भारत के लौह पुरुष सरदार बलभभाई पटेल की विशाल प्रतिमा “स्टेचू ऑफ़ यूनिटी” लगभग तैयार हो चुकी है और कल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सरदार पटेल के 167वे जन्मदिन पर इसका लोकार्पण किया जाएगा।

सरदार पटेल की ये प्रतिमा, कई मायनो में खास है सबसे बड़ी खास बात तो ये है कि ये आने वाली पीढ़ी को सरदार पटेल द्वारा देश को एक जुट किये गए काम का बखान करेगी , दूसरी खास बात है इसे दुनिया के सबसे ऊँची प्रमिता का गौरव प्राप्त होगा साथ ही ये दुनिया के सबसे प्रसिद्ध स्टेचू में से एक “स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी” से दोगुनी है।

 

182 मीटर (600 फीट) ऊंची मूर्ति भारत के स्वतंत्रता सेनानी और पहले उप प्रधान मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि है। श्री पटेल को “आयरन मैन ऑफ़ इंडिया” के रूप में भी जाना जाता था। उन्होंने 1947 में आजादी के बाद भारतीय के अलग अलग रियासतों(राज्यों और कुछ विरोधी राज्यों) को एकजुट कर वर्तमान भारत की नींव रखी।

गुजरात राज्य के पश्चिम में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बाँध पर इस मूर्ति का निर्माण किया गया है। सरदार सरोवर बांध भी अपने आप में सिविल इंजीनियरिंग के एक बहुत बड़े ढांचे के तौर पर जाना जाता है जिसकी ऊंचाई 42 मीटर है। यह गुजरात के सबसे बड़े शहर अहमदाबाद से लगभग 200 किमी दूर स्थित है।

182 मीटर (600 फीट) ऊँची यह प्रतिमा ,  चीन की स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा बन जाएगी जो वर्तमान में 128 मीटर की ऊंचाई के साथ दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्टेचू ऑफ़ यूनिटी में 153 मीटर लंबी गैलरी होगी, जो एक समय में 200 विज़िटर्स को एक जगह पर खड़ा होकर प्रतिमा, और बांध के अद्भुद दृश्य देखने का मौका देगी।

मूर्ति 60 मीटर प्रति सेकंड के कंपन और भूकंप तथा  हवा वेग का सामना करने में सक्षम है।

 128 कमरे, फ़ूड सर्विस, गेस्ट फैसिलिटीज और इवेंट आर्गेनाइजेशन के साथ 3 सितारा होटल की सुविधा मूर्ति के पास ही की गई है , जो इस क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करेगी।

इस मूर्ति को बनाने के लिए भारत लगभग 2989 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इसमें 22,500 मीट्रिक टन सीमेंट , स्ट्रक्चरल के लिए 5,700 टन स्टील, और 18,500 मीट्रिक टन सलाखों का इस्तेमाल इसके निर्माण के लिए किया गया है।

2,500 से अधिक कर्मचारी समय पर मूर्ति तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं, चीन के कई प्रवासी श्रमिक भी प्रतिमा को सही समय पर तैयार करने के लिए भारतीय मजदूरों के साथ काम कर रहे हैं।

सरकार का दावा है कि ये प्रतिमा हर साल स्थनीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 15,000 नौकरियां उत्पन्न करेगी।

स्टेचू ऑफ़ यूनिटी पूरी हो चुकी है और इस साल 31 अक्टूबर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।

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