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मोक्ष पाने के लिए की परिवार के 11 लोगो ने सुसाइड, पुलिस को घर से मिले नोट्स में खुलासा

दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत के मामले में एक नया खुलासा हुआ है ।मरने वालों में सात महिलाएं व चार पुरुष हैं। पुरुषों में दो नाबालिग हैं। नौ लोगों के शव प्रथम तल के बरामदे में छत से लगी लोहे की ग्रिल से चुन्नी व साड़ियों से लटके हुए मिले। एक महिला का शव रोशनदान से लटका मिला था, जबकि एक बुजुर्ग महिला का शव एक कमरे में जमीन पर पड़ा मिला। लटके हुए दस लोगों में से नौ के हाथ-पैर व मुंह बंधे हुए थे। सभी दस लोगों की आंखों पर रुई रखकर पट्टी बांधी गई थी।

इन 11 लोगों की हुई मौत

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1..नारायण देवी (77)  2.प्रतिभा (नारायण की बेटी, 57)  3.प्रियंका (नारायण की नातिन, 33)  4.भुवनेश उर्फ भूपी (बड़ा बेटा, 50)  5.श्वेता (भुवनेश की पत्नी, 48 )  6.नीतू (भुवनेश की बड़ी बेटी, 25)  7.मीनू (भुवनेश की छोटी बेटी, 23)  8.ध्रुव (भुवनेश का बेटा, 15)  9 . ललित (छोटा बेटा, 45)  10.टीना (ललित की पत्नी, 42)  11.शिवम (ललित का बेटा, 15)

पुलिस को घर के अंदर से इस तरह के कई नोट्स मिले हैं, जिन पर धार्मिक रहस्यमयी बातें लिखी हैं. पुलिस का कहना है कि इन नोट्स में लिखे वर्णन और मौत के तरीके में काफी समानता मिल रही है. पुलिस सूत्रों की मानें तो रजिस्टर में अलौकिक शक्तियां, मोक्ष के लिए मौत ही एक द्वार व आत्मा का अध्यात्म से रिश्ता जैसी अजीबो गरीब बातें लिखी हुई हैं.

जांच टीम ने जब इन पन्नों को पलटा तो उसमें लिखा हुआ था कि

  • ‘मोक्ष प्राप्त करना है तो जीवन को त्यागना होगा. जीवन को त्यागने के लिए मौत को गले लगाना होगा. मौत को गले लगाने में कष्ट होगा. कष्ट से छुटकारा पाना है तो आंखें बंद करनी होंगी.
  • चौंकाने वाली बात तो यह कि घर के सारे मोबाइल और टैब मंदिर के पास एक पॉलिथीन में बंधे मिले. सभी साइलेंट मोड पर थे. लिखा है कि सभी को अपने-अपने हाथ-पैर खुद बांधने होंगे. हां, हाथ-पैर खोलने के लिए हम लोग एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं.
  • रजिस्टर में यह भी लिखा गया है कि माताजी बहुत बुजुर्ग हैं. इसलिए वह साधना करने के लिए स्टूल पर नहीं चढ़ पाएंगी और ना ही बहुत अधिक देर तक उस पर खड़ी रह पाएंगी. ऐसे में उन्हें दूसरे कमरे में साधना करानी होगी. साधना के वक्त किसी के भी चेहरे पर तनाव या दुख नहीं झलकना चाहिए.
  • रजिस्टर में इस बात का भी जिक्र है कि सभी को कौन-कौन सी चुन्नी और साड़ी इस्तेमाल करनी होगी. इसके साथ ही रजिस्टर में वटवृक्ष और बड़वृक्ष की पूजा करने जैसी बात भी लिखी गई है.

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मृतकों के घर से मिले नोट्स अध्यात्म, टोना-टोटका और तंत्र-मंत्र की तरफ सीधा सीधा  इशारा कर रहे हैं। जांच में जुटी क्राइम ब्रांच का कहना है कि तंत्र-मंत्र के एंगल की भी जांच की जा रही है । पड़ोसियों के मुताबिक यह परिवार धार्मिक आस्था और विचारों वाला था और रात में कीर्तन करने के बाद ही सोता था। इतना ही नहीं, यह भी पता चला है कि दुकान पर हर दिन बोर्ड पर घर की एक बहू सुविचार लिखती थी। पता चला है कि परिवार के सदस्य मोक्ष की चाहत रखते थे और उनके घरों में इसके लिए अजब गजब अनुष्ठान भी किए जाते थे।

परिवार का अध्यात्म की तरफ था काफी झुकाव

पुलिस की मानें तो भाटिया परिवार के घर से मिले सबूत इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि मृतकों का अध्यात्म की ओर ज्यादा झुकाव था। यही नहीं, परिवार तांत्रिक विद्या पर भी विश्वास करता था, इसलिए माना जा रहा है कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए अंधविश्वास में सभी ने स्वेच्छा से मौत को गले लगा लिया।

पहले लगा आत्महत्या नहीं ,हत्या का केस

 परिजनों द्वारा हत्या का शक जताए जाने पर बुराड़ी थाना पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को शक है कि पहले बुजुर्ग महिला नारायण की कमरे में गला घोंटकर हत्या की गई, फिर नाबालिगों को अन्य ने जबरन फंदे से लटका दिया, इसके बाद बचे लोगों ने खुदकशी कर ली।आमतौर पर खुदकशी की वारदात लोग बंद कमरे में करते हैं, लेकिन यहां प्रथम तल पर जाने वाली सीढ़ी के दोनों दरवाजे खुले थे। घर से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। तमाम पहलुओं से करीब दस घंटे तक छानबीन करने के बावजूद पुलिस न हत्या के एंगल पर पहुंच पा रही है और न ही खुदकशी की ही पुष्टि कर पा रही है। सभी 11 शवों को पोस्टमार्टम के लिए सब्जीमंडी मोर्चरी में रखवा दिया गया है।

मूल रूप से राजस्थान के रहे वाला था परिवार 

ये लोग मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले थे और 22 साल पहले यहां आकर बस गए थे। बुजुर्ग महिला के तीसरे बेटे दिनेश सिविल कांट्रेक्टर हैं और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में परिवार के साथ रहते हैं। बुजुर्ग महिला के दोनों बेटों की भूतल पर एक परचून व दूसरी प्लाईवुड की दुकानें हैं। ऊपर पहली व दूसरी मंजिल पर आधे हिस्से में बने मकान में ये लोग रहते थे।

इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था उत्तरी संदीप गोयल, संयुक्त आयुक्त राजेश खुराना समेत कई जिलों के डीसीपी, एडिशनल डीसीपी समेत उत्तरी व मध्य जिले के 22 इंस्पेक्टर व आठ एसीपी मौके पर पहुंच गए।

 

 

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