सेलेब्रेटी

तराना बुर्के वो लेडी जिसने एक दशक पहले शुरू किया था #MeToo मूवमेंट

founder #MeToo Movement 2006

देश में #MeToo(मैं भी ) मोमेंट जोर पकड़ रहा है पिछले 1 साल और करीब 2 महीने पहले से बॉलीवुड से लेकर कॉर्पोरेट्स हर क्षेत्र से महिलाए #MeToo कम्पैन में हिस्सा ले रही है और अपने साथ हुए सेक्ससुअल हरस्मेंट के बारे में खुल कर बोल रही है लेकिन #MeToo कैंपेन सोशल मीडिया या हाल ही में हुई घटनाओं की वजह से लोगो के सामने नहीं आया है बल्कि इस #MeToo कैंपेन की शुरुवात तो आज से 10 साल पहले ही शुरू हो चुकी थी।

सामाजिक कार्यकर्ता से हार्लेम (“पूर्वोत्तर मैनहट्टन में 96 वीं स्ट्रीट के उत्तर में न्यूयॉर्क शहर का एक डिस्ट्रिक्ट जिसकी एक बड़ी आबादी अफ्रीकन है और 1 9 20 और 1 9 30 में नाइटक्लब और जैज़ बैंड के लिए मशहूर थी”) पहुंचने तक तराना बुर्के ने एक दशक पहले शारीरिक शोषण का शिकार हुई ब्लैक महिलाओं के लिए MeToo मूवमेंट शुरू किया था।

जस्ट बी इंक, एक गैर-लाभकारी संस्था जो ” ब्लैक वुमन के स्वास्थ्य, कल्याण के प्रति पूर्णता केंद्रित है “जिसकी स्थापना तराना बुर्के ने की थी ,द्वारा आयोजित एक युवा लड़की से मिलने के बाद उन्हें इस मूवमेंट के लिए प्रेरित किया।

बर्क ने साइट पर लड़की के साथ हुई घटना का विस्तार से वर्णन किया है, उसने कहा कि लड़की ने बताया कि उसकी मां का प्रेमी उसके साथ यौन शोषण करता कर रहा था।  यही समय था जब बर्क ने उन समुदायों की सहायता करने के लिए कार्रवाई करने का फैसला किया जहां बलात्कार संकट केंद्र और यौन उत्पीड़न कार्यकर्ता मौजूद नहीं थे, और उस दिन  “MeToo मूवमेंट” का जन्म हुआ।

उन्होंने सीएनएन को एक इंटरव्यू में बताया, “यह मेरे लिए कोई वायरल अभियान नहीं है। यह तो एक आंदोलन के बारे में है।” “एक ओर, यह एक महिला के साथ हुए दुर्व्यवहार के लिए एक बोल्ड बयान है कि ‘मैं शर्मिंदा नहीं हूँ’ और ‘मैं अकेली नहीं हूं।’ दूसरी तरफ, यह एक सर्वाइवर से दूसरे सर्वाइवर की तरफ सहानुभूति है जो कहती है, ‘मैं आपको देख सकती हूं, मैं आपको सुन सकतीहूं, मैं आपको समझ सकती हूं और मैं यहां आपके लिए हूं या मुझे आपके साथ हुए दुर्व्यवहार का पता चल गया है।”

यह #MeToo मूवमेंट मेरी आत्मा की गहराइ, अंधेरी जगह में शुरू हुआ है।

– तराना बुर्के

अक्टूबर 2017 में इस दो शब्द कैंपेन ने तब रफ़्तार पकड़ ली जब अभिनेत्री एलिसा मिलानो ट्वीट करते हुए MeToo कैंपेन से उन लोगो को जुड़ने के लिए इन्वाइट किया जिन लोगो ने यौन उत्पीड़न का अनुभव किया है।

 

उनका ट्वीट हॉलीवुड के निर्माता हार्वे वेनस्टीन के खिलाफ दशकों के यौन उत्पीड़न के आरोपों में था जिसके बाद न्यूयॉर्क टाइम्स की अक्टूबर 5 की जांच के बाद, कुछ ही घंटों के भीतर #MeToo ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और उन सभी प्लेटफार्म पर वायरल हो गया जहाँ लोगों ने अपने ऑनलाइन अकाउंट खोल रखे थे और ज्यादातर महिलाए अपने पर्सनल अकाउंट से ही अपने साथ हुए सेक्सुअल हरस्मेंट की घटनाए शेयर कर रही थी।

उस सप्ताह के अंत तक, 40,000 से अधिक लोगों ने उनके ट्वीट का जवाब दिया था। सीएनएन ने बताया कि 12 मिलियन से अधिक लोग फेसबुक और ट्विटर पर MeToo हैशटैग से जुड़े थे।

जैसे-जैसे अभियान तेजी से बढ़ता गया, पत्रकार ब्रिटनी डेनियल ने ट्विटर पर बर्क के अभियान शुरू करने के लिए प्रशंसा की, और अभियान को और हाइलाइट किया।

एक दिन बाद में मिलानो ने बर्के के काम का श्रेय दिया।

लेकिन बर्क के लिए, यह सिर्फ प्रशंसा पाने तक नहीं था। यह जागरूकता के बारे में है। इसी बात को फॉलो करते हुए उन्होंने ट्वीट किया।


“एक शब्द #metoo जिसे हम सहानुभूति  के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की और ले जा रहे हैं,”महिलाओ द्वारा इस पेहल को आगे बढ़ाते देख मुझे बहुत शुकून मिला है। ”

 

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Neelesh

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Movie and Tech lover. Inspired and Hardcore Learner Content Producer, Love to write and create. Unlocking thoughts and Ideas, share and experience the things happened around. Speak less that way write.

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