व्यू पॉइंट

दिन हमारा है त्यौहार हमारा है तो क्यों न इस दिवाली कुछ अलग हो जाए

 

दिवाली या दीपावली, हर भारतीयों के लिए एक ऐसा तैयार जो किसी नए साल , किसी और त्यौहार से भी ज्यादा मायने रखता है ये एक दिन का त्यौहार हमारे लिए एक महीने का त्यौहार होता है जिसकी तैयारी हम शादी की तैयारियों की तरह करते है शादी तो जीवन में एक बार घटित होने वाली घटना है ज्यादातर केस में।

लेकिन दीपावली का त्यौहार हमारे लिए हर साल नई तैयारी नई खुशिया लेकर आता है जहां हम घर की साफ सफाई करते है , खूब सारी खरीददारी करते है, पैसे कमाने के बेहतरीन मौके मिलते है और भगवान की पूजा करते है।

देखा जाए तो दीपावली का त्यौहार हमारी आत्मा से जुड़ा त्यौहार है ऐसे में जब कोई हमसे साल में एक बार आने वाले इस इतने बड़े त्यौहार पर किसी प्रकार का कोम्प्रोमाईज़ करने को बोलता है तो हमे बिलकुल पसंद नहीं आता।

दिवाली का त्यौहार है इतना अद्भुत जिसमे हर एक चीज़ बेहतरीन है। लम्बी छुट्टी , नए नए कपडे , खूब सारी कमाई , एक से एक  मिठाई और एक ग्रैंड सेलिब्रेशन।

लेकिन इस त्यौहार में जो एक चीज़ हम सदियों से करते आ रहे है शायद उसकी जगह पर हमें कुछ और करना होगा। बात हो रही है पटाखे जलाने की। दिवाली जैसे त्यौहार पर हम सदियों से पटाखे जला रहे है और एक सदी तक जलाएगे तो भी शायद कुछ नहीं होगा लेकिन निश्चित तौर पर एक समय ऐसा भी आएगा जब प्रकर्ति हमें ऐसा नहीं करने देगी।

  • WHO की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल 1 लाख बच्चो की मृत्यु वायु प्रदूषण से होती है।
  • वही दुनिया की 15 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरो में से 14 भारत के है
  • और तो और बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में प्रदूषण का प्रतिनिधित्व करने वाली सिटी सबसे ज्यादा भारत से है।

तो हम अपने इस बेहतरीन त्यौहार में किसी ऐसी चीज़ को क्यों जोड़े जिसकी वजह से इस फेस्टिवल के प्रति लोगो की रूचि थोड़ी सी भी कम हो या ये त्यौहार किसी भी प्रकार की बुरी यादो के लिए जाना जाए।

आतिशबाजी पूरी दुनिया में समय समय पर होती है लेकिन हमारा देश बहुत विशाल है और दिवाली का त्यौहार हर किसी के लिए खास है इस वजह से दिवाली पर देश में होने वाली आतिशबाजी बहुत बड़े स्तर पर होती है और उससे फैलने वाला प्रदूषण उससे भी बड़े स्तर पर।

इस आतिशबाजी से न ही सिर्फ हम इंसानी जीवन को प्रभावित करते है बल्कि दिवाली वाले दिन और उसके आगे – पीछे के दिनों में जानवर भी डरे दुपे घूमते है।

अब बात आती है कि हम अपने इस त्यौहार को कैसे और बेहतर बना सकते है क्योकि “दिन हमारा है त्यौहार हमारा है तो क्यों न इस दिवाली कुछ अलग हो जाए”  और जिससे हर दिवाली और खास और बेहतर हो जाए।

दिवाली पर हम बहुत कुछ करते है लेकिन बहुत सारी चीज़े ऐसी भी जो हम नहीं करते है लेकिन कर सकते है उन्ही पैसे से जिन पैसे से हम पटाखे खरीदते है। जो पटाखे फोड़ने से भी ज्यादा एक्ससाइटिंग और मनोरंजक होगा।

सेलिब्रेट द पार्टी

हम दिवाली पर पार्टी नहीं मानते है लेकिन हम दिवाली पर पार्टी क्यों नहीं मानते ? सेलिब्रेट करने का इससे अच्छा तरीका क्या हो सकता है। ये पार्टी दोस्तों के साथ हो सकती है फॅमिली के साथ हो सकती है , या फिर रिश्तेदारों के साथ हो सकती है। एक शानदार लेट नाईट पार्टी यहाँ खाना हो , ड्रिंक हो , दम से डांस हो।

यकीन मानिये ये पार्टी अगर फॅमिली के साथ होती है तो एक दूसरे को और बेहतरीन तरीके से जानने का मौका फिर कभी नहीं मिलेगा और अगर दिवाली पर हो तो हर साल मिलेगा। वैसे भी हम पुरे साल तेरा-मेरा करने में बिजी रहते है ऐसे में इस दिन का सदुपयोग इससे ज्यादा बेहतर तरीके से नहीं हो सकता।

दिवाली हो सबके लिए

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त्यौहार तो पुरे देश में मनाया जाता है लेकिन शायद पूरा देश ये त्यौहार नहीं मनाता क्योकि सबके पास वो उम्मीद और संसाधन नहीं होते जो कई औरो के पास होते है ऐसे में कपडे , मिठाईया , जरुरत का सामान स्टेशन और रोड पर पागलो की तरह घूमने वाले लोगो और  झोपडी में रहने वालो के साथ बाटे जाए तो निश्चित ही इस त्यौहार की सुंदरता और बढ़ जाएगी। शुरुवात एक करेगा और धीरे धीरे ट्रेंड बन जाएगा।

घर को सजाए पुरे साल के लिए

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दिवाली पर घर-ऑफिस की सफाई , पुताई और डेकोरेशन तो आम बात है लेकिन आतिशबाज में खर्च किये जाने वाले पैसे से हम अपने घर को पुरे साल के लिए नहीं सजा सकते। आज के समय पर आप होम डेकोरेशन के लिए ऐसी चीज़े ला सकते है जो आपके घर की खूबसूरती को कई गुना बड़ा देगी साथ ही ऐसी चीज़े भी खरीद सकते है जो हर प्रकार से सभी के लिए युसफुल हो।

फॅमिली के साथ मौज-मस्ती

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जब हम फॅमिली के साथ कोई खेल खेलने बैठते तो हमें कई अलग चीज़ो देखने को मिलती है जो हमें रोज रोज देखने के नहीं मिलती , एक दूसरे का व्यव्हार , खुला पन और भी कई सारी चीज़े ऐसे में घर के लोगो के साथ कार्ड, अंताक्षरी , बॉलीवुड गानो पर पिलो डांस कॉम्पिटिशन , व्हाटस ऑन माय कार्ड और डम्ब चैराडस जैसे कई खेल है जो आप खेल सकते है और इसमें कितना मजा आएगा ये तो आपको एक बार खेलने पर ही पता चलेगा। अगर इसमें पैसे की शर्त लगे तो खेल और भी रोमांचक हो जाएगा और पैसे भी घर के घर में ही रहेंगे।

खाना-पीना

खाना पीना आपके हर एंजॉइंग मोमेंट को बेहतरीन बना देगा और अगर ये खाना बनाने में आपका भी एफर्ट लगा हो तो खाने का स्वाद लेने में और भी मजा आएगा। दिवाली पर मिठाई के साथ साथ तरह तरह के फ़ूड आइटम भी बना सकते है।

फॅमिली गेट-टु-गेदर

फॅमिली गेट-टू-गेदर भी एक बेहतरीन विकल्प है वैसे तो हमें साल में काफी मौके मिलते है लेकिन दिवाली सेलिब्रेशन पर गेट-टू-गेदर खास हो सकता है क्योकि सेलिब्रेशन दोनों ही फॅमिली के लिए ऐसे में किसी नई जगह पर मिलना और फेस्टिवल के मौके पर एक-दूसरे के साथ हंसी-ठिटोली करने कई मेमोरीज क्रिएट कर सकते है।

गिफ्टिंग होगी एक बेहतरीन शुरुवात

दिवाली को यूनिक और मेमोरेबल बनाने के लिए गिफ्टिंग एक सबसे अच्छा तरीका है जो अभी तक चलन में नहीं है लेकिन एक अच्छा ट्रेंड बन सकता है। आप अपने दोस्तो में , फॅमिली में , रिश्तेदारों में उनकी पसंद का गिफ्ट दे सकते है और बदले में उनसे अपनी पसंद के गिफ्ट की डिमांड कर सकते है।

दिवाली का त्यौहार जैसा है शानदार है बस एक चीज़ कम करके और चीज़े जोड़ दे तो ये हिन्दू त्यौहार जो आज भले ही सिर्फ हम मानते है लेकिन फिर पूरी दुनिया मानाने लगेगी उसी तरह जिस तरह हम मानते है।

हम दुसरो पर ऊँगली भले ही उठाए या न उठाए लेकिन किसी और को हम खुद पर किसी भी तरह से ऊँगली उठाने का मौका न दे। हम एक ऐसे देश में रहते जहाँ के दिमाग की पूरी दुनिया में प्रशंसा होती है चाहे विज्ञानं में हो या भगवान में हो तो क्यों हम थोड़े से ईगो के लिए वो करे जो प्राकर्तिक तौर पर ठीक नहीं है और क्यों न उसकी जगह पर वो करे जो दुनिया का ध्यान खींचे और सुपर पावर बनने से पहले हम जगत गुरु बने और दुनिया हमसे सीखे चीज़ो को बेहतर बनाने की कला।

दिवाली जैसा फेस्टिवल हमेशा इंडिया का बेस्ट और दुनिया के फेवरेट फेस्टिवल होना चाहिए और ऐसा होने के लिए हमें वैसा सोचना होगा।

हैप्पी दिवाली ! इको -फ्रेंडली दिवाली।

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