फैक्ट्स

अगर आपके पास भी है एक बेहतरीन स्टार्टअप आईडिया तो यहाँ से ले सकते है फंडिंग

एक मजबूत स्टार्टअप आईडिया को करोड़ों के बिजनेस में बदलना कठिन काम नहीं है बशर्ते कि आपके पास सही प्लेटफार्म हो यही वजह है कि देश में स्टार्टअप कल्चर पिछले 10 सालो में तेजी से बढ़ा है और इसी तेजी के साथ फंडिंग विकल्प भी बढ़ रहे हैं। 

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दुनिया भर में स्टार्टअप रैंकिंग में भारत, अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है इकोनॉमिक वृद्धि के चलते यहां हर साल तक़रीबन 800 से ज्यादा स्टार्टअप जन्म ले रहे हैं। इन्वेंटरी से लेकर मार्केटप्लेस में लांच होने तक संसाधन उपलब्ध करना व फंडिंग प्लेटफार्म की व्यवस्थाओं ने देश में स्टार्ट अप कल्चर को बढ़ावा दिया है।

असल में फंडिंग माध्यमों तक आसान होती पहुंच ने युवाओं को स्टार्टअप की ओर आकर्षित किया है खासतौर पर आईआईटी और आईआईएम ग्रेजुएट लाखों के पैकेट छोड़कर स्टार्टअप से जुड़ रहे हैं। वजह जाहि है कि सही प्लेटफॉर्म के साथ आप किसी मजबूत स्टार्टअप Idea को कामयाब बिज़नेस में बदल सकते है। 

दिए गए कुछ फंडिंग प्लेटफार्म आपकेके लिए है काम के साबित हो सकते हैं जो आपको अपनी स्टार्टअप यात्रा को सही दिशा में ले जाना का मौका देंगे। 

इन्क्यूबेटर्स

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इन्क्यूबेटर्स अधिकतर सरकारी सहयोग प्राप्त संस्थान होते हैं जैसे आईआईटी याआईआईएम तकनीकी संस्थान या प्राइवेट बिजनेस इनक्यूबेटर जो  2-10% इक्विटी हिस्सेदारी के बदले में आंत्रप्रेन्योर को संसाधन व सेवाऐ उपलब्ध कराते हुए उनके बिजनेस आइडिया को विकसित करने में मदद करते हैं।

इसमें ऑफिस स्पेस ,कानूनी अनुमति , मैनेजमेंट ट्रेनिंग, मेंटरिंग, इंडस्ट्री एक्सपर्ट तक पहुंचने केअलावा एंजेल इन्वेस्टर्स या वीसी के जरिए फंडिंग हासिल करने में भी मदद करते हैं इक्वेशन अवधि 2 से 3 साल की हो सकती है हालांकि यहां एडमिशन मुश्किल होता है आईडिया की क्वालिटी और संस्थान की शर्तों पर आवेदन को स्वीकृति मिलती है। 


एंजेल इन्वेस्टर्स

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वास्तविक फंडिंग की पहली स्टेज सीड फंडिंग है जिससे आईडिया वर्क शॉप से बाजार तक पहुंचता है। इसके लिए फंड अक्सर आंत्रप्रेन्योर  खुद ही सेविंग या लोन के जरिए जुटाते हैं, हालांकि यह फंडिंग एंजेल इन्वेस्टर्स के जरिए भी हासिल की जा सकती है। एंजेल इन्वेस्टर्स एक प्रमुख इंडस्ट्री प्रोफेशनल का समूह होता है जो इक्विटी हिस्सेदारी के बदले आपके वेंचर की फंडिंग करते हैं यह राशि 5 लाख से 3 करोड़ तक हो सकती है।


वेंचर कैपिटल

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सीड फंडिंग स्टेज के बाद वेंचर की ग्रोथ के लिए बड़ी राशि की जरूरत होती है और इसमें वेंचर कैपिटल की भूमिका सामने आती है जो उच्च इक्विटी स्टेक के बदले 1 से लेकर 300 करोड़ तक की ऑफरिंग देते हैं। 


क्राउड फंडिंग

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सोशल नेटवर्क के जरिए पूंजी जुटाने का कांसेप्ट क्राउड फंडिंग है। यहां आंत्रप्रेन्योर अपना आईडिया ऑनलाइन शेयर कर फंडिंग हासिल कर सकते है विश्बेरी और केटापूल ऐसे ही फोरम है। आंत्रप्रेन्योर को इन पोर्टल पर अपना प्रोफाइल और प्रेजेंटेशन अपलोड करना होता है जिसमें उनका बिज़नेस आईडिया, उसका प्रभाव, निवेशकों के लिए रिटर्न का उल्लेख होता है सबसे जरूरी है कि Idea निवेशक को आकर्षित करना चाहिए तभी आप फंडिंग लेने में सफल हो पाएंगे। 

एक्सेलेटर्स

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एक्सेलेटर्स भी इन्क्यूबेटर्स की तरह ही होते हैं लेकिन यह बिजनेस आइडिया को विकसित करने में कम से कम 2 से 3 महीने का समय ही देते हैं।

स्टार्टअप के लिए सरकारी योजनाए

स्टार्टअप के लिए सरकारी योजनाए

सीजीएमएसई लोन

क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंड प्राइस इस स्कीम के तहत कोलैटरल के बिना भी एक करोड़ तक का लोन हासिल किया जा सकता है

सरकारी योजनाएं

प्रधानमंत्री मुद्रा (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट रिफाइनेंस एजेंसी) योजना के तहत 50 हजार से 10 लाख तक का लोन छोटे उद्यमी प्राप्त कर सकते हैं। 


फैक्ट इन डेप्थ

देश में 172 वीसी और 43 एंजेल इन्वेस्टर्स व 48 इन्क्यूबेटर्स है

2018 में दूसरी तिमाही तक स्टार्टअप फंडिंग में पिछले साल के मुकाबले 56% ज्यादा है। 

आंकड़ों के मुताबिक 2017  में  भारतीय स्टार्टअप को 13.7 बिलियन डॉलर का निवेश मिला जो पिछले वर्ष की तुलना में दुगना है।

देश में हर साल 800 से 1000 स्टार्टअप जन्म ले रहे है।


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