हेल्थ एंड फिटनेस

अगर आप भी अक्सर केले के छिलके को फेक देते है तो साइंटिफिक रिसर्च के अनुसार आपको ऐसा नहीं करना चाहिए

शायद आप केला खाने के बाद उसके पील्स(छिलके) को फेक देते होंगे , इसलिए यह जानकर आप को शॉक लगेगा कि केले के पील्स में केले से भी ज्यादा नूट्रिशन्स होते है।

केला ही क्यों ज्यादातर फलो से निकलने वाले पील्स फायदेमंद होते है क्योकि इनमे एंटी-फंगल कंपाउंड,  एंटीबायोटिक एजेंट, फाइबर, पोषक तत्व, और अन्य स्वास्थ्य को फायदा पहुंचने वाले गुण होते हैं जिस वजह से फलो को सुरक्षित रखते है।

केले के पील्स खाद्य(खाने योग्य) मटेरियल होता है इसलिए हमारे देश के कई हिस्सों में केले के छिलके को कई प्रकार से खाने में इस्तेमाल किया जाता है क्योकि इसके फायदे है इतने है।

केले की ये पील्स कई प्रकार की शारीरिक समस्या को दूर करने में फायदेमंद है। ये अवसाद कम करता है , अच्छी नींद लेने में मदद करता है , केलेस्ट्रॉल घटाता है, आँख , स्किन और वजन घटाने संबंधी समस्या को दूर करने में भी मदद करता है।

एक अध्ययन के मुताबिक एक मीडियम साइज के केले में कई पोषक तत्व मौजूद होते है जो हमारी डेली लाइफ की कई नूट्रिएंट्स की जरुरत को पूरा करता है। इसमें

आपके शरीर के फाइबर की आवश्यकता का 12 प्रतिशत जो डाइजेशन और रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है।

-आपकी विटामिन c की आवश्यकता का 17 प्रतिशत, जो आपकी रोग प्रिरोधक क्षमता के लिए आवश्यक है और साथ ही आपकी त्वचा को ग्लो भी देता है।

-आपकी विटामिन बी 6 आवश्यकता का 20 प्रतिशत, जो शरीर में खाने को ऊर्जा में  बदलने में मदद करता है।

-आपकी पोटेशियम आवश्यकता का 12 प्रतिशत, जो पूरे शरीर में ऊतकों और कोशिकाओं के विकास, और मरम्मत में मदद करता है।

-आपकी मैग्नीशियम आवश्यकता का 8 प्रतिशत, जो आपके शरीर में ग्लूकोज और रक्तचाप के स्तर को विनियमित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

अन्य फलों की तुलना में केला के पील्स अधिक मात्रा में फेनोलिक कंपाउंड पाए जाते है। ये कंपाउंड  एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटी-मिक्राबियल और एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होते हैं।

फिनोलिक्स को आमतौर पर विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए जाना जाता है, जैसे कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों, कैंसर, मधुमेह, और मोटापे की रोकथाम आदि।

शोध में पाया गया कि विभिन्न प्रकार के केले और उनके छिलके संरचना और फिनालिक्स की मात्रा अलग अलग होती है। यह भी पाया गया कि मूसा पैराडाइसियाका केलो के पील्स में सबसे अधिक फिनोलिक्स कंटेंट पाया जाता है। Musa paradisiaca केले के सबसे पुराने प्रकारों में से एक है और मुख्य रूप से एशिया में पाए जाते है।

अब सवाल है कि ऐसे लचीले, स्वाद में कड़वे और रेशेदार केले के पील को खाया कैसे जाए जो कि इतने स्वस्थ सम्बन्धी फायदे और गुणों से भरा हुआ है। यहा कुछ तरीके है जिनसे इन स्वास्थवर्धक केले के पील्स को आप स्वाद ले ले कर खा सकते है। 

थोरॉन-केले के छिलके से बनने वाली फेमस मलयाली करी डिश 

कैसा हो कि केले के छिलके से कोई भारतीय डिश ही बनाई जाए। थेरॉन एक फेमस मलयाली डिश है जो ताजा केले के छिलके और नारियल को मिलाकर बनती है । जिसे चावल के साथ खाई जा सकती है।

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केले और उसके छिलके से बनी स्मूदी

जब भी आप केले की स्मूदी बना रहे हो, तो आप मिक्सर में केले के साथ पील्स के कुछ टुकड़े भी साथ में डाल सकते हैं। इससे वेस्ट भी नहीं बचेगा और साथ ही स्मूदी के टेस्ट के साथ पील्स से मिलने वाले फायदे भी होंगे!

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केले के पील से बनी चाय

आप छिलको के साथ बनाना टी भी बना सकते हैं। इसके लिए कुछ मिनटों तक छिलको को पानी में उबाले और इसे शहद के साथ मिलाए !

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केले के छिलके से बनी चटनी

आप इससे स्वादिष्ट चटनी भी बना सकते हैं! छील उबालें और उसे हरी मिर्च, लहसुन, नमक, और हल्दी पाउडर के साथ पीस लें।पानी को वाष्पित होने तक तेल में मिश्रण को फ्राई करे।

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तो अगली बार केला खाकर उसके छिलको को फेकने से पहले उससे कुछ स्वादिष्ठ और हैल्थी बनाने के बारे में जरूर सोचे।

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