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लोला लम्पा

तू नंगा ही तो आया है तो क्या घण्टा लेकर जाएगा पर इसका मतलब ये तो नहीं है तू साला बेरोज़गार कहलायेगा

मालूम क्या ? अगर तुम अपने किसी दोस्त के पास जाकर ये कहोगे न ,….कि “यार कही जुगाड़ हो तो लगवा दे” 😢 तो वो बेशरम ये कहने से पहले जरा भी नही सोचेगा, ठीक है देखता हूँ ………..और तू भी मेरे लिए कही हो तो देखना !! 🙄

तुम उसकी तरफ देखकर मुस्कुरा दोगे  . वो भी आपको देखकर अपने मसूड़े दिखा देगा, दोनों को एक दूसरे की औकात मालूम चल गई कि ये घंटा मेरी नौकरी लगवायेगा। 😒

ऐसे दोस्तों के लिए अर्ज करना चाहूँगा :-

    चलो आज फिर साथ बैठकर नौकरी की आस करते है ,तू मेरी लगवादे नौकरी, मैं तेरी लगवादु     बस यूही टाइम पास करते है । ”

कोई न कोई तुम्हारी लगवायेगा - इसी होप में तुम साले जाने कितने दिन , महीने और साल काट दोगे . सबसे मजेदार बात मालूम क्या है? तुम्हारी कोई क्या लगवायेगा यार? तुम्हारी तो पहले ही लग चुकी है !!.....😁😁

इंडियन लौंडो यानि सो कोल्ड यूथ की दिक्कत मालूम क्या है ? कॉलेज के चार साल इन्हे चाहिए -सिगरेट, दारू, ‘व्हाट्सप्प और फेसबुक पर स्टेटस’ और भर भर के सेक्स  . जैसे ये सब करने का मौका बेंचो इन्हे फिर कभी जीवन में मिलेगा ही नहीं ।  “गा** की ताकत , बाप का पैसा और पढ़ाई की वाट लगा देंगे इस सब के लिए तो।”👊

इन भरे पड़े हुए लौंडो के लिए अर्ज किया है :-

                             "तुम यु हुए करियर से बेखबर मानो किसी का प्यार हुए,
                                                    ' वाह वाह'- वाह वाह '
                       सुध-बुध खो बैठे, न हँसे न लेटे, बेंचो जैसे ही बेरोजगार हुए । ”

बाबा भोसड़ पप्पू 🧔 की एक रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज में पढ़ने वाले  93.7 परसेंट स्टूडेंट कॉलेज के  3 से  4 साल  की डिग्री में , सबसे ज्यादा समय , सिर्फ गर्ल फ्रेंड, मॉल, मूवी, सेक्स , कॉन्डोम और   “चूतिया हो गया है क्या ” कहने में निकाल देते है।

और ये सब कारन जौहर का करा -धरा है   . बेंचो इसकी फिल्मो में लड़किया लोंडो के पीछे ही भागती रहती है , सो लोंडो को भी कॉन्फिडेंस आ जाता है  . बेटे याद रखना इसकी फिल्मो से ज्यादा इंस्पायर होने की जरुरत नहीं है , ये  वही चूतिया  है जिसने अपने चूतिये सवालो से दो अच्छे -खासे क्रिकेटरो के लोडे लगवा दिए। 😒😒

इनको देखकर रामधीर मिश्रा का डायलॉग याद आता है :

ये ही ताकत अगर वो अपने करियर के लिए लगाए न , तो घर – गाड़ी का सपना ,बाप के पैसो से पूरा नहीं करना पड़े।

अभी न्यूज़ पेपर में पढ़ा मैंने  .बेरोजगारी का स्तर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा है। होगा बेंचो !! क्यों नि होगा ? नहीं तो साला कौनसे देश में 2 लाख नौकरी के लिए 2 करोड़ फॉर्म भरे जाते है !! 

अपना ही कोई एक मंत्री है , जो बोलता है ; बहुत समय बाद आया है कोई बोलने वाला मंत्री ध्यान से सुनना – कि बेरोजगारी कहा है ? मारो बिंते जाके। 

 ये लो जी दिल्ली , मुंबई , कोलकाता , चेनई , बनारस , कानपूर , इंदौर ,भोपाल , जयपुर , आगरा , पटना , ग्वालियर , सागर , अमृतसर , पुणे , अहमदाबाद , हैदराबाद ,चंदीगड ,फरीदाबाद, भुवनेश्वर   …… इसकी माँ का साकी नाका ,बस स्टैंड , रेलवे स्टेशन।  बेंचो

ये लो एक रेंडम फैक्ट। 

अब कुछ का इस फैक्ट को जानकर पिछबाड़ा 56 इंच का हो जाएगा कि कम से कम हम पाकिस्तान से तो पीछे नहीं है  .सही है  ......  ,लेकिन दादा फैक्ट गए तेल लगाने आपके तो लोड़े लग गए ! 😜😜 खड़ी है पर बात बड़ी है !!!👊👊

डिग्री कम्पलीट करके जो घर बैठे है उनके लिए अर्ज किया है –

    आँसू टपक पड़े बेरोजगारी के उस एहसास पर ग़ालिब 'वाह वाह - वाह वाह' "आँसू टपक पड़े     बेरोजगारी उस एहसास पर ग़ालिब, जब माँ ने कहा, बेटा खाली बैठा है तो मटर ही छील ले। ”

बेरोजगारों की मालूम, एक खास बात और होती है,  ये लोग प्रोडक्टिव बहुत होते है , मतलब कहते है न “घंटे का पूर्ण उपयोग” ये बहुत ही शानदार तरीके से करते है .🙇‍♂️

इनसे तुम बेंचो दुनियाभर का ज्ञान बटबालो , बाते चु*वालो , पोर्न दिखवालो , पैसे कमाने की तरह तरह की स्कीम पुछवालो और दुनिया की ज्यादातर समस्या का समाधान निकलवालो । सिवाय इनके निठ्ठलेपन को दूर करने के ! 

अपने देश में बेरोजगार तैयार करने का एक प्रोसेस है  …….

  • स्कूल की पढ़ाई (घंटा नहीं होती)
  • कॉलेज की पढ़ाई (घंटा हम नही करते)
  • ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट(पैसे तीन इंस्टॉलमेंट में)
  • s(kill इंडिया स्कीम)

अपना एजुकेशन सिस्टम मालूम क्या है ? 🤷‍♂️🤷‍♂️

करंट टाइम पर एक सुनाऊ । बस दिल पर मत लेना और हो सके तो जरूर लेना :-

    इंस्टा की स्टोरी, फेसबुक का स्टेटस और व्हाट्सप्प का नोटिफिकेशन, उन्हें आवाज दे रहा है                                                         'वाह वाह -वाह वाह '     
   इंस्टा की स्टोरी, फेसबुक का स्टेटस और व्हाट्सप्प का नोटिफिकेशन, उन्हें आवाज दे रहा है    रोज का 1.5 GB डाटा लोंडो को उनकी बेरेजगारी का जरा सा भी एहसास नहीं होने दे रहा हैे । ”

अब ऐसे होगा तो कैसे होगा विकास ?  विकास से ध्यान आया। 🤔🤔

गौर फरमाइयेगा अर्ज किया है :-

    राजनीति की खाट पर बंधा पड़ा विकास, राजनीति की खाट पर बंधा पड़ा विकास,
                                बेरोजगारी खेल रही , स्मार्टफोन पर ताश । ”

ये लो बेंचो, हो गया विकास। 😒

इस 1.5 GB डाटा का एक और साइड इफ़ेक्ट बताऊ। 

देश को विकास के रास्ते पर ले जाने वाला U….वा क्या कर रहा है।  

युवा टिक टॉक पर हग रहा है। टिक टॉक इंटरप्रेन्योर -बेरोजगारी का अल्टरनेटिव ऑप्शन !!

 

रोज का 1.5 जीबी डाटा का जिओ का प्लान ,ऐसे ही क्रांतिकारी फैसला थोड़े ही माना जाता है !! ये तो ऑनलाइन अल्टरनेटिव था .ऑफलाइन का बताऊ क्या ? पकोड़े की दुकान और कोचिंग की दुकान और ये मजाक बिलकुल नहीं है। 😞😞

इससे ज्यादा विकास और क्या चाहिए यार। 

ये बेरोजगारी और गुमराह करने की वजह से गली गली में झांट बराबर लौंडे , माननीय और आभार प्रकट करते हुए नेता बने घूमते है !!!

सरकारी नौकरी तो ऐसी बला है कि साला कितना भी ठोक लो ,सेटिस्फाई ही नहीं होती। रिटन निकला , तो फिजिकल पर अटके , फिजिकल निकला तो बेंचो इंटरव्यू में अटके। 

तैयारी करते करते बन्दे के पिछबाड़े का सुराग, कुंआ हो जाए । यू नो व्हाट आई  मीन ? पर मज़ाल है बेंचो , कि सरकारी नौकरी की दुआ कबूल हो जाए। 

सरकारी की तैयारी करने वालो के दिल का हल पेश करते है  , अर्ज किया है :-

    "मन करता है, खुद को कर लू, एक कमरे में लॉक , जब भी कोई पूछे, भाई लगी सरकारी जॉब । ”

इस बेरोजगारी की वजह से जाने कितनो को रोजगार मिला है जो कि कतई एहे घंटा सही नहीं है। कितने ही कंपनी खोलकर बैठे है। 

चलो एक उदहारण से समझाता हूँ। 

    "क्यों परेशान हो बेरोजगारी से ,एक बार अपनी समस्या हमसे तो बांटिए ,मिल जाएगी आपको      101 प्रतिशत नौकरी जरा लौंग के साथ नीबू तो काटिए "

– बाबा  BC-YHLN (बेंचो- ये ही लगवाएगा नौकरी)

इनकी प्रोमोशनल लाइन देखी है , काम होगा शत-प्रतिशत।  मेरे किये को काटने वाले को 33 लाख का इनाम। भोस**के , इनकी कोई भी दूसरी ब्रांच नहीं होती ताकि इनकी वहाँ जाकर कुटाई की जा सके। 

ये कंसल्टेन्सी वाले भी कम नहीं। इन रिज्यूमे कलेक्टर के लिए अर्ज किया है :-

    " बेरोजगारी की हवा ऐसी चली, कि कंसल्टेंसी की तरफ मेरा रुख मोड़ दिया, वो मेरा रिज्यूमे       लेकर घूमते रहे और मेरे रिज्यूमे ने भी दम तोड़ दिया । ”

बेरोजगारी और बेरोजगार का दर्द , सिर्फ एक बेरोजगार ही समझ सकता है . पर वो समझा नहीं सकता , क्योकि ये एक ऐसी बीमारी है जिसको दवा , दुआ , सिफारिश और गुंजाईश सभी की जरुरत होती है अगर कुछ भी कमी रह जाए तो ये मर्ज आपको बीमार , बहुत बीमार करने के लिए काफी है। 👌

उन्ही की जुबान और अनुभव से पेश है एक और शेर :-

    " हमारी बेरोजगारी का अंदाज़ा, तुम क्या लगाओगे गालिब , हम तो कब्रिस्तान से गुजर जाए तो       मुर्दे भी उठकर बोलने लगते हैं, भाई लगी कहीं, नौकरी । ”😜

कितने लोगो को मालूम है कि unemployment यानि बेरोजगारी का अपोजिट क्या होता है। 

चलो एक जोक से समझते है 

    " माँ - बेटा तेरे लिए एक रिश्ता आया है लड़की इंजीनियर है
       बेटा- मगर माँ दोनों बेरोजगार होंगे तो घर कौन चलाएगा । ”

अब जिनको समझ में आया और पिछबाड़े में आग लगी वो गूगल करके अपने पिछबाड़े की आग बुझा सकते है। 

जिंदगीभर ये दोहराने से अच्छा है कि –

    " बेरोजगारी का आलम यह है साहब गर्लफ्रेंड सुनती नहीं, मम्मी समझती नहीं, पापा कुछ कहते        नहीं, भाई छोटे सहते नहीं, बचे हम ,लेकिन अब बचे कहां हम । ”

सबसे सही सलाह ये ही बेटा , कि ये चूतिया सोसाइटी और इस फालतू की पढ़ाई को मारो गोली  .  कुछ बनने का सोचो ,सीखो उससे जो ढंग से सिखाये , करियर बनायो, उसके बाद चाहे लौंडिया पटाओ , चाहे अपनी बुझी जिंदगी में आग लगाओ।

और जिन बेरोजगारों को मिर्ची लगी वो कहेगे-

“aayega aayega lekin tabhi jab ye gana tu apni vani me gaega.na ki ranveer ko dohraega.”

और हाँ , बेंचो ,ट्रैन – ब्रेन के आगे मत कूद जाना , जीवन का और भी कड़क और मजेदार ज्ञान है तुम्हारे लिए इसलिए लौटकर जरूर आना , देखना जिंदगी से प्यार हो जाएगा। 😘😘😘 

बेरोजगारों के सपने कैसे होते है मालूम ?  चलिए दिखाते है , नहीं नहीं सुनाते है -आशीष भाई के तरफ से मेरे सभी बेरोजगार लेकिन असरदार भाइयो के लिए ये गाना - बस गुनगुनाना और काम में लग जाना।👍

                                                      😉

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Neelesh

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Movie and Tech lover. Inspired and Hardcore Learner, Content Producer, Love to write and create. Unlocking thoughts and Ideas to share and experience the things happening around. blood group "be positive."